“आपको कुछ नहीं पता, आप चुप रहो!” – क्या हमारे माता-पिता इस अपमान के हकदार हैं?

आज ‘हमारी दुनिया’ में मैं एक ऐसे कड़वे सच पर बात करने जा रही हूँ, जिसे सुनकर शायद कुछ लोगों को ठेस लगे, लेकिन आज हमारे समाज को यह आईना दिखाना बहुत ज़रूरी हो गया है।

अक्सर देखा जाता है कि बच्चे जब बड़े हो जाते हैं, चार पैसे कमाने लगते हैं, तो उनके तेवर बदल जाते हैं। मम्मी-पापा जब प्यार से उनके पास बैठकर कुछ समझाना चाहते हैं, तो बच्चे उन पर गुस्सा करने लगते हैं। चिढ़कर कहते हैं- “सुबह से पूरा दिन काम करके आए हैं, थक गए हैं और अब आप अपना लेक्चर देने लगे! आपको आज की दुनिया के बारे में कुछ नहीं पता, आप चुप रहा करो!”

एक बार ठंडे दिमाग से सोचिए, क्या बचपन में जब हम एक ही बात को सौ बार पूछते थे, तो उन्होंने कभी हमसे ऐसा कहा था? जब हम कुछ नहीं जानते थे, तो उन्होंने उंगली पकड़कर हमें बोलना, चलना और इस दुनिया में जीना सिखाया। आज हम दो अक्षर क्या पढ़ गए, हमें लगने लगा कि उन्हें कुछ नहीं पता? माता-पिता को हमारा सिर्फ पैसा नहीं, हमारा समय चाहिए होता है। उन पर गुस्सा करना, उनकी बातों को लेक्चर समझना सबसे बड़ा पाप है।

और सबसे दुखद बात तो यह है कि शादी के बाद कुछ लोग अपनी बीवी के लिए अपने सगे माँ-बाप को छोड़ देते हैं, उनसे मुंह मोड़ लेते हैं। यह कितनी गलत बात है! जिसने आपको इस दुनिया में लाया, जिसने आपके लिए अपनी पूरी जवानी गला दी, उन्हें किसी तीसरे इंसान के लिए छोड़ देना कहाँ का इंसाफ है?

याद रखिए, जब तक इंसान के खुद के मन में खोट न हो, तब तक कोई भी आकर आपके परिवार को नहीं तोड़ सकता, चाहे वो बीवी ही क्यों न हो। अगर आपके मन में अपने माता-पिता के लिए सच्चा सम्मान है, तो कोई तीसरा इंसान आपके दिल में उनके लिए नफरत नहीं भर सकता। माँ-बाप का दिल दुखाकर बनाई गई दुनिया कभी सुखी नहीं रह सकती। आइए, अपने बुजुर्गों को समय दें, उनका आदर करें, क्योंकि उनके आशीर्वाद के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है। हमारे माता पिता ओर बुजुर्ग ही हमारी दुनिया है।

5 thoughts on ““आपको कुछ नहीं पता, आप चुप रहो!” – क्या हमारे माता-पिता इस अपमान के हकदार हैं?”

  1. नादान हैं वो लोग जो माता-पिता का अपमान करते हैं, माता-पिता वो रत्न हैं जिनकी भगवान भी पूजा करते हैं।

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