आज ‘हमारी दुनिया’ में, मैं एक ऐसे विषय पर बात करने जा रही हूँ, जिसे हम रोज़ अपनी आँखों के सामने देखते हैं, लेकिन अनदेखा कर देते हैं—और वो है हमारे आस-पास के पेड़-पौधे और प्रकृति।
आजकल समाज में एक नया फैशन चल पड़ा है। लोग अपने घरों को सुंदर दिखाने के लिए नर्सरी से महंगे-महंगे और खूबसूरत पौधे खरीदकर ले आते हैं। शुरुआत में तो उनका बहुत शौक होता है, लोग बड़े चाव से उन्हें गमलों में सजाते हैं। लेकिन जैसे ही कुछ दिन बीतते हैं, वो शौक हवा हो जाता है। लोग उन बेज़ुबान पौधों को पानी देना तक भूल जाते हैं। जो पौधे कल तक घर की शोभा बढ़ा रहे थे, वे आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते हुए धूप में सूख जाते हैं।
क्या पौधे सिर्फ हमारे घर को सजाने का कोई खिलौना हैं? हमें यह समझना होगा कि पौधों में भी जान होती है, उनमें भी जीवन होता है। जब हम उन्हें समय पर पानी नहीं देते, तो वे तड़प-तड़प कर दम तोड़ देते हैं। किसी जीवित पौधे को लाकर उसे सिर्फ अपनी लापरवाही की वजह से सुखा देना, एक बेज़ुबान की जान लेने जैसा ही है।
इतना ही नहीं, आज कंक्रीट के जंगलों के बीच बड़े-बड़े पेड़ काटे जा रहे हैं। गर्मियों में जब तपती धूप होती है, तब हर इंसान को गाड़ी खड़ी करने के लिए या खुद खड़े होने के लिए एक घने पेड़ की छांव चाहिए होती है। लेकिन जब उसी पेड़ को लगाने या बचाने की बात आती है, तो सब पीछे हट जाते हैं। हम छांव तो सबकी चाहते हैं, लेकिन खुद एक पौधा लगाकर उसे बड़ा करने की ज़िम्मेदारी नहीं लेना चाहते।
पेड़-पौधे और प्रकृति इस धरती का आधार हैं। वे हमें बिना कुछ मांगे जीवनदायिनी ऑक्सीजन और शीतल छांव देते हैं। अगर हम उनके प्रति इतने लापरवाह बने रहेंगे, तो हमारी आने वाली दुनिया कैसी होगी? आइए, आज से एक नियम बनाएं—घर में पौधे सिर्फ दिखावे के लिए न लाएं। अगर एक भी पौधा घर लाते हैं, तो उसकी ज़िम्मेदारी एक बच्चे की तरह निभाएं, उसे समय पर पानी और प्यार दें। क्योंकि प्रकृति बचेगी, तभी हमारी दुनिया बचेगी।
“सुबह-सुबह पौधों में एक नया फूल या पत्ती देखना सच में पूरे दिन को पॉजिटिव एनर्जी से भर देता है। इस मानसून में एक पौधा लगाने का आपका संकल्प बहुत अच्छा लगा। मैं भी इस बार एक पौधा ज़रूर लगाऊँगी। राधे-राधे जी! ❤️🌱”
Very good 👍
पेड़ प्रकृति का सबसे सुंदर उपहार हैं! आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा, आने वाली पीढ़ियों के लिए छाया और सुकून बनेगा
Thanks
🫡
Thoughtful
🙏