हेलो दोस्तों, ओम नारायण नमः। स्वागत है आपका ‘हमारी दुनिया’ में।
आज हम बात करेंगे एक ऐसे बेजुबान जानवर की, जिसे हम सबने अपने आसपास देखा है—यानी बिल्ली। बिल्ली को ‘मिनी टाइगर’ भी कहा जाता है। ये जितनी क्यूट होती हैं, उतनी ही समझदार भी। बहुत से लोग बिल्ली को अपने घरों में पालते हैं।
अक्सर समाज में बिल्ली को लेकर कई पुरानी बातें और अंधविश्वास जुड़े हैं। कुछ लोग कहते हैं कि बिल्ली को आने वाले संकट का पहले ही पता चल जाता है, इसलिए जब बिल्ली रास्ता काटती है, तो लोग रुक जाते हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि बिल्ली जब बच्चों को जन्म देती है, तो अपनी ‘जेर’ (Placenta) खा जाती है। कहते हैं कि अगर वो जेर किसी को मिल जाए, तो धन-दौलत और शोहरत उसके कदम चूमती है। ये सब पुरानी बातें हैं, इन पर विश्वास करना या ना करना आप लोगों की मर्जी है।
लेकिन सच तो यह है कि जानवर सिर्फ जानवर होते हैं, मासूम और बेजुबान। एक फैक्ट यह भी है कि जिस घर में बिल्ली होती है, वहाँ चूहे नहीं टिकते। बिल्ली बहुत कम खाती है। वैसे तो बिल्ली और कुत्ते की कभी नहीं बनती, क्योंकि कुत्ते बिल्लियों को मार देते हैं। लेकिन आज मैं आपको अपने घर की एक ऐसी कहानी सुनाने जा रही हूँ, जो आपके दिल को छू लेगी।
जब हमारी दुनिया में आया वो छोटा सा मेहमान…
यह तब की बात है जब मेरे भाई का जन्म हुआ था। एक दिन सुबह के करीब 4 बजे, मैं और मेरी दीदी बाहर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे क्योंकि हमारे एग्जाम्स चल रहे थे। अचानक कहीं से एक छोटा सा बिल्ली का बच्चा हमारे पास आ गया। हमने बड़े प्यार से उसके ऊपर हाथ फिराया। बस, वो एक छोटा सा टच शायद हमारे बीच जिंदगी भर का रिश्ता बनाने के लिए काफी था।
सुबह जब मम्मी उठीं, तो उन्होंने उसे पीने के लिए दूध दिया। बस फिर क्या था, यह उसका रोज का नियम बन गया। वह रोज सुबह मम्मी के उठते ही उनके पीछे-पीछे घूमने लगता था, जब तक कि उसे दूध न मिल जाए। दूध पीकर वह चुपचाप सो जाता था। कभी-कभी वह थोड़ी बहुत रोटी भी खा लेता था।
वह बच्चा इतना समझदार था कि कभी घर में यहाँ-वहाँ पॉटी नहीं करता था। जब भी उसे फ्रेश होना होता, वह दीवार कूदकर जंगल में चला जाता और वापस आकर धूप में बैठकर अपनी जीभ से खुद को साफ करता था। हमारे घर पर डॉग्स (कुत्ते) भी थे, लेकिन वह उनसे डरता नहीं था, बल्कि उनके साथ खेलता था। हमारे डॉगी भी उसे कुछ नहीं कहते थे।
एक दर्दनाक सुबह और वो आखरी विदाई…
लेकिन एक दिन, जब वह हमेशा की तरह जंगल में गया, तो अचानक कुछ जंगली कुत्तों ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। जैसे ही हमारे पालतू डॉग्स को भनक लगी, वे उसकी मदद करने के लिए जंगल की तरफ भागे। लेकिन जब तक वे वहाँ पहुँचे, बहुत देर हो चुकी थी। वह छोटा सा बच्चा हमेशा के लिए हमसे दूर हो गया।
हालाँकि, हमारे डॉग्स ने उस मासूम की मौत का बदला उन जंगली कुत्तों को मारकर अच्छे से लिया, लेकिन अफ़सोस कि वे उस बेबी बिल्ली को बचा नहीं सके। वह आज भी हमारी यादों में है और हमेशा रहेगा।
मेरी आप सभी से एक छोटी सी गुजारिश:
जानवर बहुत क्यूट होते हैं। हाँ, कुछ अपनी सुरक्षा के लिए खतरनाक बन जाते हैं, क्योंकि इस दुनिया में जीने के लिए ताकतवर होना जरूरी है। लेकिन प्यार की जरूरत हर बेजुबान को होती है। प्लीज, इन बेजुबान जानवरों पर दया करें। बिल्ली को दूध बहुत पसंद होता है। अगर आपके आसपास कोई बिल्ली या उसका बच्चा दिखे, तो थोड़ा सा दूध उसके लिए जरूर रख दें। हमारी एक छोटी सी शुरुआत किसी बेजुबान का जीवन बचा सकती है।
धन्यवाद! ओम नारायण नमः।


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